Saturday , October 31 2026

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October, 2026

  • 30 October

    काव्य संध्या का आयोजन

    जनाब अख़लाक ‘भारतीय’ के सम्मान में काव्य संध्या काव्य आयोजन:   कोलकाता : 24 नवंबर, बंगीय हिंदी परिषद और शब्द साधना द्वारा संयुक्त तत्वावधान में वाराणसी से पधारे जनाब अख़लाक ‘भारतीय’ के सम्मान में बंगीय हिन्दी परिषद के ऐतिहासिक सभागार में एक भव्य काव्य संध्या का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता …

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  • 28 October

    शरद पूर्णिमा

    शरद पूर्णिमा  जीवन में —   मौसम-ऋतु परिवर्तन हुआ,परमेश्वर-प्राणी-प्रकृति मेल,राग-द्वेष रहित सम्बन्ध है, प्रेम-सम्बन्ध का है खेल॥   माता की आराधना हुई, नवरात्र मर्यादा विजय,रावण परास्त हुआ रण में, वर्षा-बाढ़ से मुक्त समाज॥   शरद ऋतु का आगमन हुआ,निशा-निद्रा काल बढ़ गया,दिवस अवसान लघु हुआ, दक्षिणायन हर्ष उत्कर्ष॥   चंद्र …

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  • 28 October

    कवि दरबार

    पंजाबी साहित्य सभा ने आयोजित किया कवि दरबार     कोलकाता। पंजाबी साहित्य सभा द्वारा संत कुटिया गुरुद्वारा के सभागार में एक कवि दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थीं- पंजाब से पधारी कवियित्री निर्मला गर्ग। सरदार गुरदीप सिंह संघा की अध्यक्षता तथा श्री …

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  • 28 October

    शब्दाक्षर साहित्योत्सव

    *शब्दाक्षर साहित्योत्सव हरियाणा में सम्पन्न*

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  • 17 October

    दुर्गापूजा पर बंगाल में गरबा की धूम

    दुर्गापूजा पर बंगाल में गुजरात की छटा    कोलकाता । कोलकाता दुर्गा पूजा के रंग में पूरी तरह रंग चुका है और इस वर्ष तो पहले की तुलना में ज्यादा पूजा अनुष्ठानों को सरकारी अनुमति मिली है।  इसके अलावा आयोजन भी एक दूसरे से बढ़कर हो रहे हैं। उसी क्रम …

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  • 15 October

    दुर्गा: देवी से बेटी तक

    बंगाल का सांस्कृतिक परिवेश और दुर्गापूजा   बंगाल की संस्कृति में यदि किसी एक पर्व को उसकी समग्र सांस्कृतिक चेतना का प्रतिनिधि कहा जाए, तो वह निस्संदेह दुर्गापूजा है। यह केवल देवी दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि बंगाल के सामाजिक जीवन, लोकविश्वास, कला, साहित्य, संगीत, शिल्प और सामुदायिक …

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  • 14 October

    कालजयी व्यक्तित्व

    अनंत प्रभा प्रवाह नव प्रभात -डॉ विद्या निवास मिश्र जी — कलजयी व्यक्तित्व —-   समय गतिमान है, अनंत प्रवाह है समय सबके लिए निरपेक्ष है, किसी के साथ कोई भेद-भाव नहीं रखता।   #समय किसी का मित्र नहीं, शत्रु नहीं,_सबके लिए समान, बस चलता है अविराम।_#   समय को …

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