Tuesday , July 28 2026

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July, 2026

  • 28 July

    गोरखपुर में भव्य पुस्तक लोकार्पण एवं कवि सम्मेलन

    श्री देव दीप साहित्य संगम गोरखपुर (श्री दीप साहित्यिक सेवा संस्थान गोरखपुर द्वारा संचालित) पुस्तक लोकार्पण एवं कवि सम्मेलन सम्पन्न गोरखपुर। श्री देव दीप साहित्य संगम गोरखपुर के तत्वावधान में दिनांक 26 जुलाई 2026, रविवार को श्री विश्वकर्मा मंदिर, मानसरोवर, गोरखनाथ, गोरखपुर में भव्य पुस्तक लोकार्पण एवं कवि सम्मेलन का …

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  • 27 July

    नमन कलाम

    नमन कलाम —   इंसान खुदा भगवान वन्दा इंसानियत इबादत दिन ईमान!!रामेश्वर धनुष कोटि जनपद रामनाथ पुरम पैदाइस पुर्वोत्तर सिलांग मेघालत अवसान!! जिंदगी मे ना कोई शौक ना अरमान जिंदगी रहमत खुदा कि खुदा भगवान के नाम!! गीता भागवत कुरान कि गहराई इल्म हुनर हीं हुस्न हैसियत दानिश मंद इंसान!! …

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  • 26 July

    जय जय शिव शंकर

    जय जय शिव शंकर —-       जय जय शिव शंकर देव दनुज मनुज दिगम्बर घट घट वासी कैलाश निवासी रौद्र रूद्र चंद्रशेखर!! जय जय शिव शंकर शशांक शेखर आदि अनादि हर हर हर्षिश्वर काल कराल महाकाल जगदीश्वर!! जय जय शिव शंकर अविनासी सोमेश्वर कालकुट विष सर्प ग्रीव सृष्टि …

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  • 26 July

    ‘एक शाम किताबों के नाम’

    रचनात्मकता के लिए सांवेदिक अभिव्यक्ति विशेष : अर्जुन ठाकुर    कोलकाता, 25 जुलाई। रचनाकार अपनी भावना को रचना के माध्यम से अभिव्यक्ति देता है। रचनात्मकता के लिए सांवेदिक उद्वेलन जरूरी है– ये उद्गार हैं विद्यासागर सांध्य कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री अर्जुन ठाकुर के, जो श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय के …

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  • 26 July

    ‘धूप खिड़की की’ नाटक का मंचन

    धूप खिड़की की’ नाटक का मंचन संपन्न नारी सशक्तिकरण की अनूठी प्रस्तुति कोलकाता 25 जुलाई । भारतीय संस्कृति संसद के कलाकारों द्वारा कोलकत्ता के रंग मंच प्रेमियों के लिए एक बेहद संवेदनशील एवं विचारोत्तेजक नाटक धूप खिड़की की का मंचन 25 जुलाई की शाम बिरला अकैडमी ऑफ़ आर्ट एंड कल्चर …

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  • 26 July

    सिख धर्म के बारहमाहा में सावन

    सिख धर्म के बारहमाहा में सावन : आध्यात्मिक मिलन और विरह का प्रतीक भारतीय साहित्य में बारहमासा एक प्राचीन और लोकप्रिय काव्य-विधा है। संस्कृत, अपभ्रंश, ब्रज, अवधी, राजस्थानी,पंजाबी और अन्य भारतीय भाषाओं में कवियों ने बारह महीनों के माध्यम से प्रकृति, मानवीय भावनाओं तथा प्रेम-विरह का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया …

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  • 24 July

    “नाम है आजाद”

    आजाद मात्र शब्द नहीं आजाद मात्र शब्द नहीं, आजाद अक्षर संयोग नहीं। आजाद स्वर का संगीत नहीं, आजाद केवल विचार नहीं!! आजाद पराक्रम की प्रतिज्ञा, आजाद विकल्पहीन संकल्प। आ – आक्रमक अहं, स्व-शाश्वत, जा – जाग्रत जीव, परतंत्रता पर प्रहार!! जन्म और संकल्प- यज्ञ-अनुष्ठान स्वतंत्रता का, संस्कार बना उत्तर प्रदेश। …

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