Thursday , October 15 2026

Articles

October, 2026

  • 15 October

    दुर्गा: देवी से बेटी तक

    बंगाल का सांस्कृतिक परिवेश और दुर्गापूजा   बंगाल की संस्कृति में यदि किसी एक पर्व को उसकी समग्र सांस्कृतिक चेतना का प्रतिनिधि कहा जाए, तो वह निस्संदेह दुर्गापूजा है। यह केवल देवी दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि बंगाल के सामाजिक जीवन, लोकविश्वास, कला, साहित्य, संगीत, शिल्प और सामुदायिक …

    Read More »
  • 14 October

    कालजयी व्यक्तित्व

    अनंत प्रभा प्रवाह नव प्रभात -डॉ विद्या निवास मिश्र जी — कलजयी व्यक्तित्व —-   समय गतिमान है, अनंत प्रवाह है समय सबके लिए निरपेक्ष है, किसी के साथ कोई भेद-भाव नहीं रखता।   #समय किसी का मित्र नहीं, शत्रु नहीं,_सबके लिए समान, बस चलता है अविराम।_#   समय को …

    Read More »
  • 10 October

    पुस्तकालय के पुनः अध्यक्ष बने

    श्री महावीर बजाज कुमारसभा पुस्तकालय के पुन: अध्यक्ष निर्वाचित   कोलकाता, 10 अक्टूबर। कोलकाता महानगर की सुविख्यात साहित्यिक संस्था श्री बड़ाबाजार कुमारसभा पुस्तकालय की आज शनिवार को पुस्तकालय कक्ष में संपन्न हुई वार्षिक साधारण सभा में वर्ष (2026-2027) के लिए नयी कार्यसमिति का चुनाव सुसम्पन्न हुआ, जिसमें श्री महावीर प्रसाद …

    Read More »
  • 7 October

    अन्तर्मन में आओ माँ

    जयदीप चट्टोपाध्याय, वन्देमातरम गीत के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की पांचवीं पीढ़ी के हैंऔर एक समर्थ बांग्ला कवि हैं. ये उनकी ताजा-तरीन कविता है. — जयदीप चट्टोपाध्याय        अन्तर्मन में आओ माँ शरद आते ही प्रकृति स्वयं सँवारने लगती है पूजा का आसन— शिउली की गंध में, काश के …

    Read More »
  • 4 October

    शब्दाक्षर साहित्यिक पत्रिका का लोकार्पण

    *शब्दाक्षर साहित्यिक पत्रिका का लोकार्पण सम्पन्न*   कोलकाता: राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ द्वारा प्रकाशित साहित्यिक त्रैमासिक ‘शब्दाक्षर पत्रिका’ के जुलाई-सितंबर 2026 अंक का भव्य लोकार्पण शनिवार को सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र द्वारा ऑनलाइन किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्तमान अंक “शब्दाक्षर हरियाणा राष्ट्रीय साहित्योत्सव-2026” पर आधारित एक विशेषांक …

    Read More »
  • 4 October

    जुगल किशोर जेठालिया स्मृति व्याख्यानमाला

     युवाओं का देशहित संकल्प ही विकसित भारत का आधार – शिव प्रकाश कोलकाता, 4 अक्टूबर। “अमेरिका-यूरोप के जो देश खुद को विकसित कहते हैं, उन्होंने मानवता का शोषण किया है। अत: भारत को विकसित बनाना है तो युवाओं को उसे जगतगुरु बनाने वाले प्रेम एवं शांति से पूरित सौहार्द, आर्थिक …

    Read More »
  • 2 October

    परिवर्तन के पथ

    परिवर्तन के पथ (काव्य संग्रह ) –     डॉ भारतेन्द्र सिंह विनम्र सौम्य एवं सार्थक सोच विचार एवं व्यवहार के व्यक्ति के साथ साथ सारगर्भित व्यक्तित्व के धनी है हिंदी साहित्य मे उनकी गहरी रूचि एवं कृतित्व इस सत्यार्थ कि प्रमाणिता के साथ साथ प्रमाणिकता परिभाषित करती है! परिवर्तन …

    Read More »