Monday , August 3 2026

Literature

डाक मुंशी अजायब राय

धनपत राय -(प्रेम चंद्र )   डांक मुंशी अजायब राय आनंदी देवी कायस्थ कुल परिवार!!   विद्वत भूमि ज्ञान भक्ति अवनि बराणसी विश्वेश्वर निवास लामही जिसका एक गांव!!   धनपतराय,प्रेमचंद्र परतन्त्र राष्ट्र मे जन्मे परतंत्रता वेदना हुक अभिव्यक्ति राष्ट्र समाज समय काल!!   असमानता कुरीति भेदभाव मानव मानवता शत्रु प्रेम …

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दोस्ती का दीप

अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस (2 अगस्त) के अवसर पर दोस्ती का दीप       सुलगती हुई सरहदें पूछ रही हैं, कब ख़त्म होगी नफ़रत की रात? कब धरती के कोने-कोने में ही गूँज उठेगी मधुर प्रेम की  बात?   तोपों से कभी अमन नहीं उग सकता, और न तलवारें फूल …

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प्रथम गुरु दो पूज्य हमारे

गुरु हमारे —                   आप ही जन्म जीवन सत्यार्थ जनम लिया तब माँ रूप मे ममता का आंचल आपकी छाया कवच आशीर्वाद!! दूजी तुम धन्य धीर धारा जिस पर पग प्रथम से अंतिम सांस ल!! हाथ पकड़ती जननी पग धरा धरनी पर …

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जय जय शिव शंकर

जय जय शिव शंकर —-       जय जय शिव शंकर देव दनुज मनुज दिगम्बर घट घट वासी कैलाश निवासी रौद्र रूद्र चंद्रशेखर!! जय जय शिव शंकर शशांक शेखर आदि अनादि हर हर हर्षिश्वर काल कराल महाकाल जगदीश्वर!! जय जय शिव शंकर अविनासी सोमेश्वर कालकुट विष सर्प ग्रीव सृष्टि …

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“नाम है आजाद”

आजाद मात्र शब्द नहीं आजाद मात्र शब्द नहीं, आजाद अक्षर संयोग नहीं। आजाद स्वर का संगीत नहीं, आजाद केवल विचार नहीं!! आजाद पराक्रम की प्रतिज्ञा, आजाद विकल्पहीन संकल्प। आ – आक्रमक अहं, स्व-शाश्वत, जा – जाग्रत जीव, परतंत्रता पर प्रहार!! जन्म और संकल्प- यज्ञ-अनुष्ठान स्वतंत्रता का, संस्कार बना उत्तर प्रदेश। …

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मित्र सम्बन्ध सुगंध

मित्र —   मित्र सम्बन्ध सुगंध मित्र जैसे पुष्पपराग रस मिठास माधुर्य महत्व मित्र!! मर्यादा ह्रदय कि गहराई निर्वाध संग चलते रहना!! सुख दुःख संघर्ष युद्ध मे सारथी सचिव सलहकार!! रणनीतिकार सहयोगी योगी रचनात्मता का सार संसार मित्रता रिश्ता जीवन पवित्रता पथ जीवन मे अंधकार मे ज्योति आशा विश्वास!! मित्र …

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पंडित विद्यानिवास मिश्र के चिंतन में लोक संस्कृति

*विद्यानिवास मिश्र भारतीय संस्कृति के सशक्त वाहक थे : प्रो. गिरीश्वर मिश्र*   कोलकाता 12 जुलाई । सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय के तत्तवावधान में शनिवार को पंडित विद्यानिवास मिश्र की जन्मशती के अवसर पर पुस्तकालय सभागार में “विद्यानिवास मिश्र के लेखन में संस्कृति विमर्श” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। …

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लघुकथा प्रतियोगिता

लघुकथा शोध केन्द्र तथा रचनाकार ने आयोजित की लघुकथा प्रतियोगिता     ‘लघुकथा शोध केन्द्र, भोपाल की  कोलकाता इकाई’ जिसे अन्तर्राष्ट्रीय संस्था रचनाकार संचालित करती है द्वारा स्योना एक्सपीरियंस कैफे में एक लघुकथा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कोलकाता के अनेक स्थापित एवं नवांकुर लघुकथाकारों ने भाग लिया। ‘लघुकथा …

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बिना राम के इस भारत में भारतवर्ष कहां है

अग्नि के गर्भ में पला होगा शब्द जो श्लोक में ढला होगा – डॉ  शिव ओम अंबर अपनी प्रखर लेखनी एवं ओजस्वी कविताओं के लिए विख्यात   शिव ओम अंबर के सानिध्य में एक काव्य संगोष्ठी का आयोजन ‘जन संसार’  कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम का आरम्भ प्रणति ठाकुर ने सरस्वती  वंदना  …

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*मेरी मां  नही गाती  थी*

” मेरी माँ नहीं गाती थी  “   मेरी मां  नही गाती  थी न लोरी न गीत  रहीम, रसखान, मीरा की प्रीत    जब देती थी थपकी  सुलाने   लग जाती थी गम को भुलाने      आंखों में होती अधूरे कामो  की पीर    तरकशी  तानो से रिसता हुआ नीर     घर के अभेदी चक्रव्यूह को तोड़ नही पाती    घुट कर रह जाती    औरजब टूट जाती थी आंसुओं के सैलाब में डूब जाती थी   छिपा लेती थी मेरे मासूम चेहरे को अपने चेहरे से   दृढ़ता से लड़ती थी लगे हुए पहरे  से     मेरी मां इस तरह मेरे सुनहरे भविष्य को बुनती थी बीमारियों को दर किनार कर मेरी खातिर जीती थी ।।   -शकुन त्रिवेदी   

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