हां यहां तेजाबी बरसात है… सावधान, रखना ध्यान यहां के मौसम का कुछ अलग ही मिजाज है कुचक्र चल रहा यहां अनगिनत चाल है भ्रष्ट तंत्र की जगह – जगह बिछी बिसात है हां यहां तेजाबी बरसात है। किसी का दंभ दौड़ा किसी का बल बोला सच …
Read More »चाणक्य अभी भी जिंदा है
चाणक्य अभी भी जिंदा है छिपा दिया इतिहास तुम्हारा तो क्या गीदड़ बन जाओगे बर्बरता के भय से क्या बिल में घुस जाओगे स्वाभिमान को गिरवी रख कर कैसे जी पाओगे बहु -बेटियों की लुटती इज्जत कब तक सह पाओगे। सुप्त पड़ी पौरुष ज्वाल …
Read More »आया प्रथम बैसाख, नव वर्ष का उजियारा
*प्रथम बैसाख : नव वर्ष का गान आया प्रथम बैसाख, नव वर्ष का उजियारा, बंग-धरा पर फैला देखो, खुशियों का नज़ारा। ढाक की थाप गूंजे, मन हो जाता चंचल, हर आंगन में खिल उठता, ये उत्सव निर्मल। रवीन्द्र संगीत के सुनो,गूंज उठे स्वर, “एसो हे बईशाख” ने …
Read More »घर आंगन की खुशबू
घर आंगन की खुशबू घर आंगन की खुशबू फिर भी दुत्कारी ऑफिस से घर , घर से बाहर ये भी जिम्मेदारी भाग दौड़ के जीवन में भूली अपनी माहवारी मेरा घर मेरा आंगन हर पल इस पर वारी। कही छल रही खुद को खुद से आधुनिकता की मारी तोड़ दिए …
Read More »श्री जगन्नाथ पुरी का अक्षय पत्र
*श्री जगन्नाथ पुरी की ‘अक्षयपात्र’ कथा: कभी खत्म न होने वाले भोग का रहस्य, *इसका आध्यात्मिक महत्व* पश्चिम बंगाल हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू द्वारा रचित ‘मेडूसा’ किताब कविताओं का संग्रह है जिसमें, एक बहुत ही प्रसिद्ध कविता जगन्नाथ पुरी में अक्षय पात्र है जिसमें अक्षय पात्र …
Read More »एक पुराना मौसम लौटा (कविता संग्रह)
किताब : एक पुराना मौसम लौटा (कविता संग्रह) पुस्तक समीक्षा किताब : एक पुराना मौसम लौटा (कविता संग्रह) रचनाकार : शहरयार कीमत : 150 रुपए प्रकाशक- शिवना प्रकाशन, सम्राट कॉम्प्लैक्स बेसमेंट, बस स्टैंड के सामने, सीहोर मप्र 466001 ईमेल- shivna.prakashan@gmail.com प्रकाशन वर्ष- 2026 किसी अँधेरी सुरंग के मुहाने पर …
Read More »उपन्यासों की फेहरिस्त में मील का पत्थर
युद्ध पर लिखे गए उपन्यासों की फेहरिस्त में मील का पत्थर है – बुखा़री कोलकाता। अंतर्राष्ट्रीय संस्था इस्सार ने रोटरी सदन के कक्ष में त्रिदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लेखकों और चिंतकों का एक सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें कई सत्रों में विभिन्न विश्व शांति को समर्पित कार्यक्रम निर्धारित …
Read More »फाग और लोक संस्कृति: शब्दों का कुंभ
फाग और लोक संस्कृति की तान से गूँजा शिवना साहित्य समागम शब्दों का कुंभ: सीहोर में शिवना साहित्य समागम का भव्य आयोजन, देशभर के रचनाकारों का जमावड़ा पहले दिन सिद्धपुर सभामंडप में उद्घाटन के साथ शुरू हुआ दो दिवसीय साहित्योत्सव; तीन सभागारों में 12 वैचारिक सत्र, पुस्तक लोकार्पण …
Read More »बूंद बूंद सागर
जीवन दर्शन की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है ‘ बूंद बूंद सागर’ : रावेल पुष्प, समीक्षक मुझे याद आता 70 का वो दशक जब मैं कॉलेज का विद्यार्थी था,वो भी पियोर साइंस का पर साहित्य का नशा कुछ इस कदर हावी था कि उस समय की लोकप्रिय साहित्यिक …
Read More »नेता सुभाष आपको नमन प्रणाम
*सुभाष चंद्र बोस: एक महान नेता* संकल्पों के साहस का सुभाष, नीति नियत स्पष्ट, भारत का वीर सपूत नेता, भारत अतीत इतिहास गौरव मिशाल मशाल!! वर्तमान की दृष्टि, भविष्य की प्रेरणा का चमक चंद्र,भारत की स्वतंत्रता का शाश्वत सत्यार्थ, दृढ़ता शक्ति ऊर्जा उत्कर्ष सुगंध वास!! राष्ट्र भक्त …
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