भारतीय भाषा परिषद में जैन महिला मंडल द्वारा डॉ वसुंधरा मिश्र की कथा काव्यसंग्रह ‘नव दुर्गा नव रूप’ का लोकार्पण – –

भारतीय भाषा परिषद के सभाकक्ष में लेखिका डॉ वसुंधरा मिश्र की कथा काव्यसंग्रह ‘नव दुर्गा नव रूप’ काव्य पुस्तक का लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम जैन महिला मंडल की संस्थापक सदस्य अंजू सेठिया और अध्यक्ष चंदा गोलछा द्वारा आयोजित किया गया। 2 मई 2026 को लोकार्पण समारोह में प्रमुख अतिथि प्रो सोमा बंद्योपाध्याय, पूर्व कुलपति बाबा साहेब अंबेडकर विश्वविद्यालय, वरिष्ठ पत्रकार और प्रधान संपादक विश्वंभर नेवर ताजा टीवी छपते-छपते समाचार, राजस्थान ब्राह्मण संघ की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानाचार्या श्रीमती दुर्गा व्यास, भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कॉलेज की प्रातःकालीन सत्र की वाइस प्रिंसिपल प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कॉलेज के रेक्टर और डीन प्रो दिलीप शाह, भारतीय भाषा परिषद के निदेशक डॉ शंभुनाथ की उपस्थिति में लेखिका डॉ वसुंधरा मिश्र द्वारा लिखित ‘नव दुर्गा नव रूप’ काव्य कथा संग्रह का लोकार्पण संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ नमोकार मंत्र से हुआ जिसमें सरोज भंसाली और जैन महिला मंडल की सदस्याओं द्वारा किया गया। प्रो डॉ देविना गुप्ता ने माँ दुर्गा की स्तुति ‘अयि गिरिनन्दिनि’ से किया।
पूर्व शिक्षिका शिक्षायतन और कवयित्री कविता कोठारी ने अध्यात्म और जीवन दर्शन से युक्त एक मधुर गीत गाया । पूनम त्रिपाठी खिदिरपुर स्कूल की शिक्षिका और छत्तीसगढ़ के अखबार की कॉलम संपादक और कई पुरस्कारों से सम्मानित ने शुभकामनाएं देते हुए डॉ वसुंधरा मिश्र को नवीन कदम न्यूज़ नेटवर्क छत्तीसगढ़ से भेजे हुए नारी शक्ति सम्मान 2026 के लिए प्रदत्त शॉल और मोमेंटो, सर्टिफिकेट, कलम प्रदान किया। तत्पश्चात ‘ नव दुर्गा नव रूप ‘ पुस्तक पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने अनेक बिंदुओं पर प्रकाश डाला , जैसे
कवि एवं शिक्षाविद् दुर्गा व्यास ने कहा कि
ये पुस्तक आकार में छोटी जरूर है किंतु प्रेरणादाई है इसे सभी को पढ़ना चाहिए। वक्तव्य के अंत में कवि मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियाँ सुनाते हुए “एक नहीं दो दो मात्रा नर से भारी नारी।” नारी की श्रेष्ठता सिद्ध की।
समाज सेवी पवन पाटोदिया : समाज तथा जीवन में महिलाओं की अहम भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किये।
दिलीप शाह, डीन एवं रेक्टर भवानीपुर कालेज :
व्यक्ति को नहीं गुणों को धारण करना चाहिए । ज्ञान की उपासना होनी चाहिए। महिलाएं कुछ करना चाहती है उनकी इच्छा का सम्मान करे।
मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रोफेसर
स्त्रियों के पास अधिकार सदैव रहा उन्हे गृहस्थ जीवन की धुरी कह कर सम्बोधित किया जाता रहा है , किन्तु सवाल उठता है कि फिर आज ऐसा क्यों ? ऐसे में वसुंधरा जी की पुस्तक ‘ नव दुर्गा नव रूप’ रौशनी की तरफ ले जाती है।
सोमा बंदोपाध्याय , पूर्व कुलपति बाबा साहेब अंबेडकर विश्वविद्यालय
दुर्गा का उच्चारण करते ही आपको अनुभव होगा एक शक्ति का संचार। और वही शक्ति स्त्री को आगे बढ़ने में सहायता करती है।
स्त्री शक्ति की तुलना हमेशा पृथ्वी और प्रकृति से की जाती है क्योंकि उसमे सहन शक्ति अपरंपार है। जब तक महिला आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होती तब तक उसकी बात नहीं सुनी जाती ।
उत्सव मूर्ति वसुंधरा मिश्रा ने अपनी पुस्तक ‘ नव दुर्गा नव रूप, पर बोलते हुए अपने भावों को व्यक्त किया और स्त्री ही कूष्माण्डा की प्रतीक कविता :
” किस दुर्गा की बात करे लौकिक – अलौकिक के भंवर जाल में
स्त्री को बिठा दिया मंदिर में
सृष्टि का संचालक बन
पुरुष बना सत्ता शासक। “
का पाठ करते हुए मां दुर्गा को शब्दांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर कोलकाता के प्रमुख हिंदी जगत के साहित्यकार कवि -कवयित्री , लेखक -लेखिकाओं ,पत्रकारों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान ,स्त्री सशक्तिकरण के लिए कार्य करने वाले ; साहित्यकारों, कवयित्री महिलाओं एवं ट्रासजेंडर महिला यूनिक को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन करते हुए आयोजन की सूत्रधार एवं संचालक अंजू सेठिया ने भारत जैन महिला मंडल द्वारा नारी शक्ति अवार्ड कुसुम किला, श्रुति धर को प्रदान किया एवं सभी अतिथियों का स्वागत व् सम्मान किया।
गणमान्य लोगों में , सुरेश चौधरी, गोविंद इन्दौरिया, कयुर मजूमदार , अमित मुधडा, किशन जी किला ,बाबूलाल जी दुगड ,ताराचंद पटोदिया ,उषा जैन,अमृता चतुर्वेदी, मीनाक्षी श्रीवास्तव, सुशील जी आदि अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। भारत जैन महामंडल से अध्यक्ष चंदा गोलछा संस्थापक, सरोज भंसाली, उपाध्यक्ष नेहा रामपुरिया ,सुमित्रा सेठिया, सुप्यार पुगलिया, सुनीता कुडलिया, सुमन चौरडीया आदि गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। और सभी अतिथियों का स्वागत किया ।
– अंजू सेठिया