रचनाकार का होली पर रंगारंग कार्यक्रम

कोलकाता। अंतरराष्ट्रीय संस्था रचनाकार- एक साहित्य एवं सांस्कृतिक क्रांति के सांस्कृतिक विभाग ने होली पर एक विशेष हास्य से भरपूर रंगारंग कार्यक्रम “इंद्रधनुष के रंग रचनाकार के संग” का आयोजन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुशीला सुराणा जी ने सरस्वती वंदना से किया। संस्था के सदस्यों ने विभिन्न रंगों के परिधान पहनकर अपने पसंदीदा रंगों की विशेषताएँ बताईं। रचना सरन और आलोक चौधरी ने केसरिया और मेजंटा रंग ऊषा जैन ने पीला, मीतू कनोडिया ने गुलाबी रंग, विद्या भण्डारी जी और कविता कोठारी ने बैंगनी रंग, डॉ. उषा पाण्डेय ने नीला व भारती मिश्रा ने हरा, डॉ. शिप्रा मिश्राजी ने आसमानी रंगों का बखान किया।
कृष्ण कुमार दूबे जी ने सुनहरे रंग, सुधा मिश्रा द्विवेदी जी ने हल्का हरे रंग और रावेल पुष्प जी ने भूरे रंग पर अपनी बातें कहीं। सीमा शर्मा और शशि लाहोटी ने काले और सलेटी रंग की विशेषताएँ बताते हुए रोचक अंदाज में संचालन किया।
होलिका दहन पर आधारित सुरेश चौधरी जी द्वारा लिखित एक हास्य एकांकी का मंचन किया गया जिसमें भक्त प्रह्लाद के रूप में विष्णु, हिरण्यकश्च्युप के रूप में कवि नन्दू बिहारी, भारती मिश्रा होलिका और ऊषा जैन नारद मुनि के रूप में थे। मृदुला कोठारी ने राजस्थानी, ऊषा जैन ने हरियाणवी, डॉ. शिप्रा मिश्रा ने भोजपुरी और शीला अग्रवाल ने नज़रूल गीति का सुमधुर गायन किया। साहित्य मंत्री श्री रावेल पुष्प और संस्थापक श्री सुरेश चौधरी ने हास्य रचनाएँ सुनाकर सबको गुदगुदाया।
शीला अग्रवाल ने सभी सदस्यों को गेम खिलाया और आलोक चौधरी ने जोगिरा सुनाकर सभी सदस्यों की चुटकी ली। अध्यक्ष रचना सरन भी बीच बीच में मजेदार टिपणियों से सबका मनोरंजन कर रही थीं। सियोना एक्सपीरियंस कैफे में आयोजित कार्यक्रम में ठण्डाई और स्वादिस्ट व्यंजनों के दौर चल रहे थे। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एक दूसरे को गुलाल लगाया और कार्यक्रम का खूब लुत्फ़ उठाया।
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