Wednesday , March 11 2026

आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा और साहित्यिक चर्चा

**कलकत्ता में साहित्यिक विमर्श : छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा**

 

कोलकाता। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा के कोलकाता आगमन के अवसर पर सेठ सूरजमल जालान संस्थान में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक परिचर्चा आयोजित की गई। इस बैठक में साहित्य के विविध विषयों पर सार्थक चर्चा हुई तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित किए जाने वाले आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रम की रूपरेखा भी तय की गई।

परिचर्चा में कलकत्ता महानगर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी तथा उमेशचंद्र कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. कमल कुमार ने अपने विचार रखते हुए प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम के स्वरूप को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की विषयवस्तु में बंगाल के समृद्ध साहित्यिक परंपरा, उसके व्यापक प्रभाव तथा हिंदी पत्रकारिता की भूमिका को केंद्र में रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार इस विषय पर विमर्श से भारतीय भाषाओं के पारस्परिक संबंध और साहित्यिक संवाद को नई दिशा मिल सकती है।

बैठक का वातावरण अत्यंत आत्मीय और विचारपूर्ण रहा, जिसमें उपस्थित साहित्यकारों ने साहित्य, भाषा और पत्रकारिता के विविध आयामों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर पुस्तकाध्यक्ष श्रीमोहन तिवारी, दिव्या प्रसाद, परमजीत कुमार पंडित, अरविन्द तिवारी, विवेक तिवारी तथा संदीप कुमार भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी कार्यक्रम की सफलता के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

 

इस परिचर्चा के माध्यम से आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रम को अधिक सार्थक, व्यापक और समकालीन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण विचार सामने आए। उम्मीद की जा रही है कि प्रस्तावित कार्यक्रम साहित्यिक जगत में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आएगा और विभिन्न भाषाओं तथा साहित्यिक परंपराओं के बीच संवाद को और सुदृढ़ करेगा।

About Shakun

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *