मम्मा मुझे सेंटा क्लॉज बना दो

लाल कोट और लाल पैंट
उस पर चमके काली बेल्ट
पैरो में काले जूते हो मेरे सपने पूरे हो
मेरे तन पर सेंटा क्लॉज की ड्रेस सजा दो
मम्मा मुझे …
भूरी दाढ़ी, मूंछ लगा दो पीठ पर एक गठरी लटका दो
उस गठरी में बच्चों के सपने, सपनों में उनके अपने
प्यार के जल से उनको नहला दो
सबके मन को पंख लगा दो
मम्मा मुझे …..
स्लेज में प्यारे रेन्डियर जुतवा दो
मोटी बर्फ पर उसे चला दो
पहुंचूं जल्दी बच्चों के देश
होगी उनसे अच्छी भेंट
देख के मुझको खिल जायेंगे
जल्दी ही हिलमिल जाएंगे
मैं भी बच्चों के संग खेलूंगा
केक – चॉकलेट उनको दूंगा।
खिलौनों का अंबार सजा दो
तरह – तरह के उपहार दिला दो
नए – नए कपड़ों के संग बच्चों को हर्षित करवा दो
विभिन्न रंगो की उम्मीद जगा दो
मम्मा मुझे सेंटा कलॉज बना दो ।।
– शकुन त्रिवेदी
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