Wednesday , April 15 2026

संगोष्ठी, ” परंपरा, संचरण और परिवर्तन, ” संपन्न

*गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय आई.सी.एस.एस.आर(ICSSR) प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।*

 

हावड़ा,पश्चिम बंगाल स्थित हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय आई.सी.एस.एस.आर. (ICSSR) प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया।

इस संगोष्ठी का विषय “परंपरा, संचरण और परिवर्तन: वैश्विक दुनिया में दक्षिण एशिया की वाचिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियाँ” था। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने संरक्षक और संगोष्ठी की अध्यक्ष के रूप में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

संगोष्ठी में पद्मश्री से सम्मानित प्रोफेसर जी. एन. देवी ने प्रभावशाली बीज भाषण (keynote address) दिया, जिसके बाद विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर साहू ने उद्घाटन सत्र के दौरान अपना विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन किया गया, जिसमें स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर आधारित शोध पत्रों के वैचारिक नोट्स शामिल थे। इसके साथ ही, गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में ‘हिंदी यूनिवर्सिटी जर्नल ऑफ इंटर-डिसिप्लिनरी स्टडीज’ (HUJIS) का भी शुभारंभ किया गया।

इस सामयिक और सार्थक संगोष्ठी के आयोजक गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुनीता मुर्मू, प्रोफेसर गौरहरि बेहरा और डॉ. आमोद कुमार राय थे।

संगोष्ठी के अन्य विशेषज्ञ वक्ताओं में प्रोफेसर आलोक कुमार, प्रोफेसर हेमेंद्र चंडालिया, प्रोफेसर एम. सी. बेहरा, प्रोफेसर अंजलि दैमारी, प्रोफेसर ओम प्रकाश द्विवेदी, प्रोफेसर वीणा बत्रा कुशवाहा, प्रोफेसर पंचानन दलाई, प्रोफेसर गोमती बोदरा हेम्ब्रोम, प्रोफेसर राहुल पटेल, प्रोफेसर करण सिंह, प्रोफेसर सादिक अहमद, अजीत कुमार कुल्लू और डॉ. रागिनी कपूर शामिल थे।

About Shakun

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *