‘धूप खिड़की की’ नाटक का मंचन
Shakun
5 hours ago
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धूप खिड़की की’ नाटक का मंचन संपन्न

नारी सशक्तिकरण की अनूठी प्रस्तुति
कोलकाता 25 जुलाई । भारतीय संस्कृति संसद के कलाकारों द्वारा कोलकत्ता के रंग मंच प्रेमियों के लिए एक बेहद संवेदनशील एवं विचारोत्तेजक नाटक धूप खिड़की की का मंचन 25 जुलाई की शाम बिरला अकैडमी ऑफ़ आर्ट एंड कल्चर में संपन्न हुआ।
नाटक का लेखन एवं निर्देशन किया *कार्तिकेय त्रिपाठी*ने। भारतीय संस्कृति संसद के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत यह नाटक महज़ एक नाटक नहीं बल्कि हर उस घर की कहानी है जहाँ एक माँ,एक पत्नी या गृहिणी,अपना जीवन परिवार को सौंप देती है ।
यह नाटक नारी सशक्तिकरण के उस मायने को तलाश करता है जहाँ एक बेटी को यह एहसास होता है की उसकी आज़ादी की नींव उसके माँ के ख़ामोश संघर्षों पर टिकी है ।कुछ कहानियाँ पर्दा गिरने के साथ समाप्त नहीं होती,वे घर लौटने के बाद शुरू होती हैं।
कलाकारों में डॉ. तारा दूगड़ ,ऋतिका भरानी,ऋचा अग्रवाल ,रोहित बासफोर, शरण्या दूगड़, प्रतिज्ञा घोष, आर्यन पांडे, रोहित दूगड़ आदि थे । दर्शकों से खचाखच भरे हॉल में भारतीय संस्कृति संसद की इस प्रस्तुति को सभी ने मुक्त कंठ से सराहा ।अंत में संस्था के अध्यक्ष डॉ विठ्ठलदास मूंधडा ने भावविभोर होकर धन्यवाद ज्ञापन किया ।