Wednesday , April 15 2026

जीवन में सम्यक की आवश्यकता

जीवन में सम्यक की आवश्यकता पर हुई परिचर्चा

 

 

कोलकाता। ग्लोबल बुद्धिस्ट मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर की तरफ से एक खास परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसका विषय था- जीवन में सम्यक! इस कार्यक्रम में मुख्य प्रश्नकर्ता थे वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार रावेल पुष्प तथा कमलजीत सिंह,अभिजीत बारूई तथा कुछ उपस्थित श्रोता और प्रश्नों का निराकरण कर रहे
थे .
बौद्ध सिद्धांतों के विशेषज्ञ और जातक कथाओं में प्रबंधशास्त्रीय तत्व में पीएचडी की उपाधि प्राप्त डॉ. जसबीर चावला। जीवन में सम्यक विषय पर प्रश्नोत्तर के दौरान उन्होंने कहा कि जीवन में हर तरह की सुख-सुविधा और भोजन पदार्थों की आवश्यकता है लेकिन हमें हर हाल में सम्यक का निर्वाह करना चाहिए ना कहीं कम न कहीं ज्यादा।
इसके अलावा आजकल जो पति-पत्नियों के बीच तनाव और तलाक के मामले बढ़ रहे हैं, उसमें एक दूसरे से शिकायत है भी तो हमें अहंकार त्याग कर समझदारी से निपटाना चाहिए। आपसी विश्वास और सीमाओं में ही एक दूसरे के प्रति जहां जरूरत हो वहां उग्रता दिखानी चाहिए, जिससे संबंध बरकरार रहे। प्रश्नों की झड़ी के बीच कई बातें सामने आईं कि किस तरह विवाह के मौकों पर भोजन की लगातार बर्बादी होती रहती है वहां भी हमेशा व्यवस्था करने वालों और भोजन करने वालों द्वारा सम्यक का निर्वाह किया जाना चाहिए।
    इसी चर्चा के दौरान आज दुनिया में चल रहे अमेरिका ईरान संघर्ष की भी बात आई कि वहां भी लड़ रहे देश अपने व्यवहार में सम्यक नहीं, तभी तो यह युद्ध पूरी मानव जाति के अस्तित्व के लिए ही एक खतरे की घंटी बनता जा रहा है। इसके साथ ही जातक कथाओं के उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह तनाव, अवसाद और साथ ही अन्य परेशानियों से मुक्ति के लिए बौद्ध दर्शन में कहीं किसी पूजा पाठ,मंत्र तंत्र या कोई अलौकिक बातों की जगह नहीं यहां तो वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन की बातें हैं।
इस तरह की चर्चा जीवन को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक सार्थक कदम कहा जा सकता है।

प्रेषक: रावेल पुष्प वरिष्ठ पत्रकार कोलकाता/9434198898.

About Shakun

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *