*हरियाणा साहित्य और संस्कृति अकादमी के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए विनोद बब्बर*

हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा दादा लख्मीचंद कला विश्वविद्यालय रोहतक में आयोजित समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायक सिंह सैनी ने प्रख्यात हिंदी सेवी साहित्यकार, संपादक डॉ. विनोद बब्बर को हरियाणा साहित्य अकादमी के सर्वोच्च सम्मान *आजीवन साहित्य साधना सम्मान 2022* से अलंकृत करते हुए साहित्य को संस्कृति की नींव बताते हुए देश की युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का आवाहन किया । श्री सैनी ने विनोद बब्बर जी को ₹700000 की राशि सहित स्मृति चिन्ह, शाल आदि भेंट करते हुए उनके स्वस्थ सक्रिय यशस्वी जीवन की कामना की।
ज्ञातव्य है राष्ट्र-किंकर के संपादक डॉ विनोद बब्बर की अब तक 52 पुस्तकें के प्रकाशित हो चुकी हैं । उनके द्वारा रचित बाल गीता स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल है। अनेक देशों की साहित्यिक सांस्कृतिक यात्राएं कर चुके बब्बर जी के साहित्य पर देश के आठ विश्वविद्यालयों में शोध कार्य संपन्न हो चुका है तो कुछ पीएचडी कार्य जारी है ।
से पूर्व उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी, संस्कृति संचालनालय मध्यप्रदेश शासन सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और अकादमियों की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है ।
The Wake News Portal & Magazine