Tuesday , August 11 2026

*चैहड़ कलाँ,हरियाणा में हुआ शब्दाक्षर कवि सम्मेलन*

‘हमने ऐसे-ऐसे मंजर देखे हैं, कतरे में भी लाख समंदर देखे हैं’ –  सुरेश भारती

भिवानी: हरियाणा में भिवानी जिले के ऐतिहासिक गांव चैहड़ कलाँ में राष्ट्रीय हिंदी साहित्य संस्था ‘शब्दाक्षर’ की हरियाणा प्रांतीय इकाई द्वारा सफल एवं यादगार कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, कोलकाता से मुख्य अतिथि के रूप में पधारे जबकि छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष कुमार जगदलवी तथा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मिश्र प्रतापगढ़िया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा ओमप्रकाश शर्मा ‘निर्मल’ ने कार्यक्रम की।
मुख्य अतिथि रवि प्रताप सिंह ने अपनी पंक्तियों “दर्द के आँसू से पहले नहलाया जाता है, तब शब्दों को गीत बनाकर गाया जाता है”- से कवित्व की संवेदनशीलता को व्यक्त किया। वहीं कवि ‘निर्मल’ ने कहा ‘बस खताओं का हिसाब रख लेना, फिर सजा कुछ भी जनाब रख लेना’।
कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रदेश महामंत्री सुरेश कवि कलाकार ने कहा-“हम सोचें होता है कुछ और, लेकिन मालिक के आगे तो, चले न कोई जोर। बॉलीवुड गीतकार सुरेश भारती ‘नादान’ ने -‘हमने ऐसे-ऐसे मंजर देखे हैं, कतरे में भी लाख समंदर देखे हैं’  पंक्तियों में सामाजिक विसंगतियों को उजागर किया।
छत्तीसगढ़ से आए कुमार जगदलवी ने नारी सुरक्षा पर अपनी पंक्तियों से सार्थक संदेश दिया ‘गर महफूज नहीं औरत, मर्द की जरूरत क्या है’। अन्य अतिथियों व रचनाकारों में, हरियाणा शब्दाक्षर संरक्षक अक्षय राज शर्मा, राजकीय महाविद्यालय हिसार के हिंदी प्रवक्ता डॉ.राजपाल सिंह, पूर्व प्राचार्य अमरचंद, विवेक जांगड़ा, रत्न सिंह श्योराण, करतार सिंह श्योराण, जिला अध्यक्ष त्रयी-डॉ.सीमा बिरला कुरुक्षेत्र, डॉ.राजबाला राज हिसार, खुशबू जैन हांसी तथा विकास नसीब, युवा कवि विमल जांगड़ा, राजेश सरल सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संयोजन-संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन शब्दाक्षर के प्रदेश महामंत्री सुरेश कवि कलाकार चैहड़ कलाँ, भिवानी ने किया।
इस अवसर पर शिवकुमार, पार्षद राजेश आर्य, दिनेश, नरेंद्र पंडित, सतबीर प्रधान सहित गांव के अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। इस शब्दाक्षर कवि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और साहित्य के प्रति जनजागृति को बढ़ावा देना रहा।

About Shakun

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *