Saturday , March 21 2026

Shakun

उच्चतम न्यायालय ने अनुच्छेद 370 पर फैलाए झूठ को ध्वस्त किया

अनुच्छेद 370 पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का तात्कालिक महत्व भले इतना ही लगता है कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा इसे निष्प्रभावी बनाने का कदम संवैधानिक रूप से सही था, पर यह यहीं तक सीमित नहीं है। इससे भारत सहित विश्व भर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के विरुद्ध …

Read More »

मोदी जी, वोट तो मिडिल क्लास भी देता है!

मोदी जी के नाम: कुछ बनारस वासियों का संदेश और शिकायत  बनारस के बदले रूप ने मन को मोह लिया था, विश्वास ही नहीं हो रहा था ये वही बनारस है जो इस गली से उस गली, कूचों में समाया रहता था। जगह – जगह घूमती गाय, बछड़े, बछिया और …

Read More »

बदली प्रवृत्तियों को समझने से आकलन संभव होगा

मतदान संपन्न होने के बावजूद आम विश्लेषकों की प्रतिक्रिया है कि परिणाम की स्पष्ट भविष्यवाणी कठिन है। इसका अर्थ क्या है? इन तीनों राज्यों में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुख्य मुकाबला रहा है और वही प्रवृत्ति इस बार भी है। अगर मुख्यतः दो पार्टियों के मुकाबले के बीच …

Read More »

सत्य कहउँ लिखि कागद कोरे…….. – 1

सत्य कहउँ लिखि कागद कोरे…….. – 1 ‘‘वासन्ती’’ के मंच पे कवि-सम्मेलन हिन्दी साहित्य की वाचिक काव्य-परम्परा की सुरक्षा और संरक्षा का एक महत्वपूर्ण सारस्वत-पीठ रहा है। अपने समय में महाप्राण निराला ने भी ‘‘राम की शक्तिपूजा’’ जैसी रचना का मंच पर पाठ किया है, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के …

Read More »

इकजाई

यदि आप अवध क्षेत्र के रहने वाले नहीं हैं तो सम्भवतः आप इकजाई से परिचित नहीं होंगे और इसे कोई जापानी कला समझ रहे होंगे। परंतु न तो यह जापानी इकेबाना की बहिन है और न बोंज़ाई की भौजाई। सच्ची बात कहूं तो इसका मूल जापान है ही नहीं। यह …

Read More »

एर्नाकुलम विस्फोट एक चेतावनी है

किसी आतंकवादी घटना की गंभीरता का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं होता कि उसमें कितने लोगों की मौत हुई। केरल में एर्नाकुलम जिले के कलामसेरी के कन्वेंशन सेंटर यानी सम्मेलन केंद्र में हुआ विस्फोट हर दृष्टि से डराने और चिंतित करने वाली घटना है। निस्संदेह , तीन व्यक्तियों की …

Read More »

खीर पर ग्रहण

 शरद पूर्णिमा का  महत्व  बचपन में शारदीय पूर्णिमा के आने की बात सुनते ही खीर का स्वाद मन को लुभाने लगता था. कितने जतन से खीर बनती, माँ लक्ष्मी का पूजन कर उन्हें भोग समर्पित किया जाता और तत्पश्चात उस खीर को  पूजा के काम आने वाली बाल्टी के अंदर रख …

Read More »

घर भर की ख़ातिर कुर्बानी

हिन्दुस्तानी औरत हिन्दुस्तानी औरत यानी घर भर की ख़ातिर कुर्बानी। गृहलक्ष्मी पद की व्याख्या है, चैका-चूल्हा-रोटी-पानी। रुख़सत करने में रजिया को, टूट गये चाचा रमजानी। आँचल में अंगारे बाँधे, पीहर लौटी गुड़िया रानी। क़त्ल हुआ कन्या भ्रूणों का, तहज़ीबें दीखीं बेमानी। निर्धन को बेटी मत देना, घट-घट वासी अवढरदानी।

Read More »

डॉ शिव ॐ अम्बर की  कुछ लोकप्रिय गजल 

  प्रसिद्द कवि एवं मंच संचालक डॉ शिव ॐ अम्बर की  कुछ लोकप्रिय गजल  1. चन्द शातिर मुट्ठियों में कैद भिनसारे रहे, मुक्तिबोधों के यहाँ ताउम्र अँधियारे रहे। रेशमी पल्लू रवायत का उन्हें क्या बाँधता, जो सदा से ही दहकते सुर्ख अंगारे रहे। राजभवनों को नहीं भाया हमारा स्वर कभी, हम …

Read More »

मानस की धुंध

              समीक्षा: मानस की धुंध श्रीमती नीरजा द्विवेदी की कहानियों को पढने का अवसर मिला। मुझे कुछ सुखद अनुभव हुए। उनकी सभी दस कहानियाँ मुझे प्रेमचंद के द्वारा कहानी के प्रमुख उद्देश्यों में निर्दिष्ट ‘आदर्शवादी यथार्थ’ को चरितार्थ करती हुई मालूम पड़ी।एक दूसरा तथ्य …

Read More »