Monday , August 3 2026

Shakun

ये भी रोजगार है…

रोजगार के विभिन्न स्वरूप रोजगार के विभिन्न स्वरूपों से हम सभी परिचित है।  कुछ नैतिक तो कुछ अनैतिक , कुछ सरकारी तो कुछ प्राईवेट।  कुछ लोगो का  खुद का व्यवसाय तो कुछ कर्मचारी।  कभी  त्योहारों के नाम पर,  कभी नए घर के लिए तो कभी दुकान के लिए तो कभी …

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पूर्णागिरी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे है  

अगर आप  पूर्णागिरि मंदिर (उत्तराखंड ) टनकपुर की यात्रा पर जा रहे है तो कृप्या होमवर्क कर लीजिए…   अधिकतर भक्त या पर्यटक जब उत्तराखंड की यात्रा पर निकलते है  और उन्हें अपने गंतव्य से कुछ सौ किलोमीटर की दूरी पर पूर्णागिरी शक्तिपीठ के बारे में पता चलता है और …

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उच्चतम न्यायालय ने अनुच्छेद 370 पर फैलाए झूठ को ध्वस्त किया

अनुच्छेद 370 पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का तात्कालिक महत्व भले इतना ही लगता है कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा इसे निष्प्रभावी बनाने का कदम संवैधानिक रूप से सही था, पर यह यहीं तक सीमित नहीं है। इससे भारत सहित विश्व भर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के विरुद्ध …

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मोदी जी, वोट तो मिडिल क्लास भी देता है!

मोदी जी के नाम: कुछ बनारस वासियों का संदेश और शिकायत  बनारस के बदले रूप ने मन को मोह लिया था, विश्वास ही नहीं हो रहा था ये वही बनारस है जो इस गली से उस गली, कूचों में समाया रहता था। जगह – जगह घूमती गाय, बछड़े, बछिया और …

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सत्य कहउँ लिखि कागद कोरे…….. – 1

सत्य कहउँ लिखि कागद कोरे…….. – 1 ‘‘वासन्ती’’ के मंच पे कवि-सम्मेलन हिन्दी साहित्य की वाचिक काव्य-परम्परा की सुरक्षा और संरक्षा का एक महत्वपूर्ण सारस्वत-पीठ रहा है। अपने समय में महाप्राण निराला ने भी ‘‘राम की शक्तिपूजा’’ जैसी रचना का मंच पर पाठ किया है, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के …

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इकजाई

यदि आप अवध क्षेत्र के रहने वाले नहीं हैं तो सम्भवतः आप इकजाई से परिचित नहीं होंगे और इसे कोई जापानी कला समझ रहे होंगे। परंतु न तो यह जापानी इकेबाना की बहिन है और न बोंज़ाई की भौजाई। सच्ची बात कहूं तो इसका मूल जापान है ही नहीं। यह …

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खीर पर ग्रहण

 शरद पूर्णिमा का  महत्व  बचपन में शारदीय पूर्णिमा के आने की बात सुनते ही खीर का स्वाद मन को लुभाने लगता था. कितने जतन से खीर बनती, माँ लक्ष्मी का पूजन कर उन्हें भोग समर्पित किया जाता और तत्पश्चात उस खीर को  पूजा के काम आने वाली बाल्टी के अंदर रख …

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घर भर की ख़ातिर कुर्बानी

हिन्दुस्तानी औरत हिन्दुस्तानी औरत यानी घर भर की ख़ातिर कुर्बानी। गृहलक्ष्मी पद की व्याख्या है, चैका-चूल्हा-रोटी-पानी। रुख़सत करने में रजिया को, टूट गये चाचा रमजानी। आँचल में अंगारे बाँधे, पीहर लौटी गुड़िया रानी। क़त्ल हुआ कन्या भ्रूणों का, तहज़ीबें दीखीं बेमानी। निर्धन को बेटी मत देना, घट-घट वासी अवढरदानी।

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डॉ शिव ॐ अम्बर की  कुछ लोकप्रिय गजल 

  प्रसिद्द कवि एवं मंच संचालक डॉ शिव ॐ अम्बर की  कुछ लोकप्रिय गजल  1. चन्द शातिर मुट्ठियों में कैद भिनसारे रहे, मुक्तिबोधों के यहाँ ताउम्र अँधियारे रहे। रेशमी पल्लू रवायत का उन्हें क्या बाँधता, जो सदा से ही दहकते सुर्ख अंगारे रहे। राजभवनों को नहीं भाया हमारा स्वर कभी, हम …

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बौने हुए विराट् हमारे गाँव में

लोकप्रिय कवि  डाॅ॰ शिव ओम अम्बर के कुछ संस्मरण  कानपुर के कवि-समाज में विजय किशोर मानव मेरे सहज स्नेही अनन्य बन्धु रहे। हम दोनों ने लगभग एक साथ मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। उस समय गीत की भूमिका केन्द्रीय होती थी और शेष सभी रस आनुषंगिक थे। सहृदय …

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