जन भावना को समझ कर काम करने से हो रहा विस्तार नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिधि सभा के दौरान संपूर्ण भारत और भारत में अभिरुचि रखने वाले विश्व भर के मीडिया का एकत्रीकरण था। सामने लोकसभा चुनाव के कारण ऐसा लग रहा था कि वहां से इसके …
Read More »नया साल
नीलाभ खरे, नोएडा नया नया ज्यों पहली कोपल नया नया ज्यों पहली कोपल, पहली किरन ओस पर जैसे, सहरी की पहली पुकार, मंदिर की घंटी अलसभोर ज्यों नया नया औ’ शुभ शुभ हो …
Read More »रीत सिंह श्रीनेत को सम्मान
प्रज्ञा हिंदी सेवार्थ संस्थान ट्रस्ट फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश द्वारा गोरखपुर कि होनहार बिटिया रीत सिंह श्रीनेत श्रेष्ट गीतकार के रूप में सम्मानित—– रीत सिंह श्रीनेत ऐसा नाम जिनसे कम आयु में उत्कृष्ट गीतकार का सम्मान प्राप्त किया । पज्ञा हिंदी सेवार्थ संस्थान ट्रस्ट द्वारा आयोजित गीत लेखन प्रतियोगिता जिसमे पूरे …
Read More »अतुल्यनीय है ये काव्य संग्रह
*पम्परागत मूल्यों एवं मान्यताओं के परिपेक्ष्य में, अतुलनीय है यह काव्य-संग्रह* (समीक्षक- नन्दलाल मणि त्रिपाठी ‘पीताम्बर’,गोरखपुर “मुरारी की चौपाल” अतुल जी की अविस्मरणीय छंदमुक्त आकर्षक, प्रभावी एवं प्रासंगिक संग्रह है,जो चौवन महत्वपूर्ण समसामयिक एवं संदेशपरक अभिव्यक्तियों में समाहित है। प्रथम कविता “सच यही है” में कवि ने मां शारदे की …
Read More »फागुन आया गांव में, लेकर ये सौगात
फागुन आया गांव में, लेकर ये सौगात दहकी-दहकी दोपहर, बहकी-बहकी रात, फागुन आया गांव में, लेकर ये सौगात। प्रकृति में चारों तरफ उत्सव का माहौल है, फागुन आ गया है और अनंग अपने रंग में है। उसके पुष्प-धनुष से शरों का सन्धाान होने लगा है। मन के आकाश …
Read More »आंदोलन में युद्ध जैसी तैयारी
आंदोलन में युद्ध जैसी तैयारी आंदोलन की यह प्रवृत्ति अत्यंत चिंताजनक है। किसान संगठनों के बैनर से जिस तरह के दृश्य आ रहे हैं वो किसी भी विवेकशील व्यक्ति को भयभीत करेंगे। ऐसा लगता है जैसे छोटे-मोटे युद्ध की तैयारी से कूच किया गया है। ट्रैक्टरों को इस तरह …
Read More »परमात्मा और परमार्थ
परमात्मा और परमार्थ – परमात्मा वास्तव में आत्मा कि परम यात्रा का ही सत्यार्थ है या कुछ अन्य आत्मा किवास्तविकता शोध का विषय है या नही अपने आप मे बड़ा प्रश्न है आत्मा परमात्मा दोनों के शाब्दिक विवेचना में सिर्फ परम का ही प्रत्यंतर है आत्मा कि परम स्थिति ही …
Read More »डाक्टर मनीष शुक्ला की पुस्तक प्रोफेसर के लाल का लोकार्पण
समाज में रोशनी की उम्मीद जगा रहा साहित्य : विधान सभा अध्यक्ष विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने डॉ मनीष शुक्ल के कहानी संग्रह प्रोफेसर माँ के लाल, वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री की किताब भुला न देना और महाशून्य का विमोचन किया लखनऊ| उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने …
Read More »ऐसी राजनीतिक तस्वीर बदले तो कैसे
सिद्धांतहीन और राजनीतिक भ्रष्टाचार के कारण बिगड़ी हुई छवि चुनाव ऐसा अवसर होता है जब आपको राजनीति के सारे नकारात्मक चरित्र हमारे सामने घनीभूत होकर उभरते हैं। हालांकि इसमें आज चार्ज का कोई कारण इसलिए नहीं होता क्योंकि इस तरह की घटनाएं राजनीति की बारंबारता का अंग बन चुके हैं। …
Read More »महिला सशक्तिकरण के नाम
अब स्त्री कमजोर नहीं … हाल -फ़िलहाल में नेपाल के एक साहित्यिक सम्मलेन में शामिल होने का मौका मिला। काफी दूर -दराज से लोग आये हुए थे , जिनमे महिलाओं की भी अच्छी -खासी भागीदारी थी। सर्दी का समय बड़े -बड़े सूटकेस , कंधे पर बैग और चेहरे पर आत्मविश्वास। …
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