मेरी मां मेरी मां नही गाती थी न लोरी न गीत न रहीम, रसखान, तुलसी मीरा की प्रीत जब देती थी थपकी मुझे सुलाने को , लग जाती थी गम को भुलाने में फिर भी …
Read More »धर्म पूछकर जिनको मारा उनका भी तर्पण करना है
धर्म पूछकर जिनको मारा उनका भी तर्पण करना है भारतीय सिंहों नें, रण में गर्जन शुरू किया है। किया आपरेशन सिंदूरी,बदला तनिक लिया है। भाग नहीं पाएगा कायर,छुपे किसी भी बिल में हर भारत वासी की ईच्छा और इरादा मन मे क्या होती सिंदूरी कीमत, अब हम …
Read More »मातृभूमि
मातृभूमि तेरी स्मृति में जाग-जाग तेरी चाहत में रही भाग कुछ तो संकेत किया होता कब तक गाऊँ एकांत राग जिस पर मैंने आँखें खोली जिस पर मेरी पाँखें डोली मेरा पहला रुनझुन गूँजा निकली मेरी पहली बोली मैंने कुछ बीज लगाए थे मैंने …
Read More »अवैतनिक मजदूर
अवैतनिक मजदूर 365 दिन चकरघिन्नी सी नाचती परिवार की जिम्मेदारियों को उठाती पति –परिवार की जरूरतों पर खुद को वारती अपनी पहचान को उनकी पहचान में ढालती ऐसी समर्पित 80 प्रतिशत नारियों तुम्हारे लिए छुट्टी के नाम पर नही कोई दिन और तारीख है न कोई गृहणी दिवस …
Read More »श्रम शक्ति है श्रम भक्ति है
श्रम सत्यार्थ—– श्रम शक्ति है श्रम भक्ति है श्रमिक श्रम का आधार श्रमिक सारा संसार!! बौद्धिक श्रम शारीरिक श्रम श्रम के अध्याय आयाम श्रम से ही विकास निर्माण!! श्रम से ही कल कारखाने जल विद्युत पथ संचार!! श्रम धर्म है श्रमिक मर्म है श्रम कर्म सत्यार्थ ब्रह्माड!! …
Read More »परशुराम— राम प्रथम ब्रह्मांड देव चिरंजीवी ब्रह्मांड श्रेष्ठ शिष्य रुद्र भक्ति शक्ति शाश्वत अभिमान राम।। श्रेष्ठ शिव शिष्य फरसा श्रेष्ठता वरदान सारंग फरसा नारायण शिव समन्वय शक्ति गौरव गान नाम नही आदि अनंत सत्य सनातन सत्यार्थ परशुराम।। जादाग्नि पुत्र भार्गव कुल गौरव कर्म धर्म ज्ञान योग्य बैभव …
Read More »बैसाखी पर्व
वैशाखी— धर्म शांति प्रगति धन धान्य आश विश्वास आजादी अस्तित्व आस्था लाती और जगती वैशाखी।। गुरुओं कि गुरुवाणी भरत भारत अगुवानी पंथ खालसा स्थापना धर्म मर्म रक्षा संकल्प आराधना है बैशाखी।। धर्मवीर कर्मवीर शूरवीर गुरु गोविंद सिंह ललकार सवा लाख से एक लडाऊ तब गुरु गोबिंद सिंह …
Read More »प्रभु धर्म ध्वजा फहराई
आद्योपांत रामायण— चौथापन संतानहीन दशरथ गुरु वशिष्ठ शरणं सिरु नाई।। सूर्यवंश अस्त न होय दशरथ याचना गुरु करो जतन उपाई।। गुरु मन्तव्य श्रृंगी शरण चरण युक्ति सुख संतान योग तब आई।। दसरथ श्रृंगी शरणं याचना सूर्यवंश भाग्य भविष्य अर्चना।। श्रृंगी यज्ञ तप तब कीन्हा त्रेता युग पावन …
Read More »अब मैं बोलूँगी- पुस्तक समीक्षा
पुस्तक समीक्षा समीक्षक- शैली बक्षी खड़कोतकर अब मैं बोलूँगी डायरी लेखक – स्मृति आदित्य प्रकाशक- शिवना प्रकाशन, सम्राट कॉम्प्लैक्स बेसमेंट, बस स्टैंड के सामने, सीहोर मप्र 466001 मोबाइल- 9806162184, ईमेल- shivna.prakashan@gmail.com मूल्य- 150रुपये प्रकाशन वर्ष- 2025 अब मैं बोलूँगी- एक खरी और ज़रूरी किताब स्मृति आदित्य, मीडिया और साहित्य का …
Read More »ब्रिटेन, फ्रांस, यूक्रेन युद्ध विराम योजना
यूक्रेन, यूरोप एवं ट्रंप यूक्रेन मोर्चे पर अंतिम समाचार यह है कि ब्रिटेन फ्रांस और यूक्रेन ने मिलकर एक युद्धविराम योजना बनाई है जिसे अमेरिका के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टोर्मर की बात मानें तो इस पर लगभग सहमति बन गई है । युद्ध समाप्त करने पर …
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