कोलकाता में संपन्न हुआ द्विदिवसीय राष्ट्रीय लघुकथा उत्सव 2024 कोलकाता 25 दिसम्बर।पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत पश्चिमबंग हिंदी अकादमी ने द्विदिवसीय राष्ट्रीय लघुकथा उत्सव का आयोजन अकादमी के सभागार में किया। इस मौके पर उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित थे- …
Read More »टूटा सागर का अहंकार
टूटा सागर अहंकार— सागर तट पहुंचे रघुबीर संग सेना बानर और रीछ।। लंका पहुंच पाना समस्या विकट गम्भीर सागर में कैसे हो पथ निर्माण कार्य कठिन।। प्रश्न बहुत जटिल विभीषण जामवंत लखन संग मन्तव्य रघुबीर ।। सागर से ही मांगे पथ करे स्वंय विनम्र निवेदन रघुबीर।। …
Read More »है बात पुरानी फिर भी है सदा नई
है बात पुरानी फिर भी है सदा नई, सुनाता हूं घड़ी भर बैठ तो सही है बात पुरानी फिर भी है सदा नई सुनाता हूँ, घड़ी भर बैठ तो सही कुछ धूल है पड़ी यादों के आईने पर जरा हाँथ बढ़ा साफ़ करें तो सही याद है! …
Read More »सती सुलोचना
शिवना नवलेखन पुरस्कार 2024 की घोषणा
‘शिवना नवलेखन पुरस्कार’ 2024 की घोषणाः रश्मि कुलश्रेष्ठ और शुभ्रा ओझा की साहित्य में दस्तक
Read More »मानस का स्वाध्याय रही माँ- डॉ शिव ओम अम्बर
08.01.2005 मानस का स्वाध्याय रही माँ, श्रद्धा का पर्याय रही माँ – डॉ शिव ओम अम्बर 1. आज सुबह जयपुर से संजू का आगमन हुआ, गीतू की शादी के बाद ये यह उसका दूसरा चक्कर है, दिसम्बर में भी आया था। 2. मित्रों की यात्रा-कथाएँ – कमलेश शर्मा अपनी …
Read More »बहुत अभिशप्त ये ऊंचाईयां है
06.01.2005 नियति में आपकी विषपान होगा, जुबां पे आपकी सच्चाइयां है – डॉ शिव ओम अंबर 1. लखनऊ पहुँचने पर पता चला कि नीरज जी मेरे सन्दर्भ में अपनी कुछ पूर्वाग्रहग्रस्त प्रतिक्रियाएँ सोम जी, अनूप श्रीवास्तव आदि से प्रकट कर चुके हैं, सभी ने अलग-अलग चर्चा की। 2. नीरज जी …
Read More »कल है भाई दूज त्यौहार
सुनो भाई कान खोलकर, कल है भाई दूज त्यौहार टीका, रूचना तुमको करना और साथ मिठाई देना लंबा खर्चा ऊपर से नखरा तेरा मैं क्यों करती बर्दाश्त आया भाईदूज त्योहार लाया खुशियां अपार। सुन, सुबह – सवेरे जल्दी उठ कर करना है स्नान पहन के कपड़े नए- नए फिर करना …
Read More »राम जाने क्या भविष्यत् है हमारे बाग़ का
चम्बली हर फूल है तो नक्सली है हर कली सूर्य कुमार पाण्डेय ने 02 जनवरी के खादी ग्रामोद्योग के लिये कार्यक्रम का ज़िक्र किया था, उसका औपचारिक पत्र आया है। किन्तु अभी यह आमन्त्रण नहीं है, अर्थ-राशि आदि के विषय में जानकारी के लिये आया पत्र है। 2. 25 दिसम्बर …
Read More »ये मोहल्ला जी रहा है इन दिनों फाकाकशी
18.12.2004 भीड़ खुश होकर बजाए जा रही है तालिया कल के दोनों खलनायकों के पिता आज विद्यालय आये। एक लड़के ने तो अपने पिता के कहने के बावजूद अपनी ग़लती मानने और क्षमा माँगने से इन्कार कर दिया, दूसरे ने ज़रूर क्षमा-याचना कर ली। इन दिनों सुरेन्द्र वर्मा के उपन्यास …
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