श्री देव दीप साहित्य संगम गोरखपुर के मासिक काव्य गोष्ठी में अंतराष्ट्रीय भोजपुरी गायक सम्राट श्री राकेश श्रीवास्तव को सम्मान करते हुए
श्री दीप साहित्य संगम की काव्य गोष्ठी में गूँजा भोजपुरी सम्राट राकेश श्रीवास्तव का स्वर, श्रोता मंत्रमुग्ध
गोरखपुर, 24 मई 2026: श्री दीप साहित्यिक सेवा संस्थान गोरखपुर द्वारा संचालित श्री दीप साहित्य संगम गोरखपुर की मासिक काव्य गोष्ठी आज श्री विश्वकर्मा मंदिर, मानसरोवर, गोरखनाथ में अपराह्न 1:00 बजे से अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता .नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर ने की।
गोष्ठी में मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार श्री कुमार शैल सत्यार्थी जी एवं विशिष्ट अतिथि अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी गायक सम्राट आदरणीय राकेश श्रीवास्तव जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया। संस्था के राष्ट्रीय संरक्षक श्री नन्दलाल मणि त्रिपाठी ‘पीतांबर’ जी, मुख्य ट्रस्टी श्री दिनेश गोरखपुरी जी, श्री अभय श्रीवास्तव जी एवं श्री भारतेन्द्र सिंह जी ने दोनों अतिथियों का अंगवस्त्र, माल्यार्पण एवं संस्था का बैच लगाकर भावपूर्ण सम्मान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आदरणीया श्रीमती शशि पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत माँ सरस्वती वंदन से हुआ। इसके पश्चात देश के विभिन्न अंचलों से पधारे कवि-कवयित्रियों – आदरणीय निर्मल गुप्त जी, परदेशी,श्रीमती शशि पाण्डेय,डॉ भारतेन्द्र सिंह जी,आर एन दुबे जी, बिंदु चौहान जी, दिनेश गोरखपुरी,वंदना सूर्यवंशी जी,प्रेम चंद्र निगम,राघवेंद्र मिश्र,निशा भारती,प्रेमलता ‘रसबिंदु’,अनुरिता अवध, एवं अन्य रचनाकारों ने अपनी ओज, शृंगार एवं करुण रस से सिक्त रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन .अभय कुमार श्रीवास्तव जिज्ञासु * ने अपने चिर-परिचित प्रभावशाली अंदाज में किया। उन्होंने मंच से भोजपुरी गायक सम्राट *आदरणीय राकेश श्रीवास्तव जी को गीत प्रस्तुति हेतु आमंत्रित किया। राकेश श्रीवास्तव जी ने जब अपने सुमधुर लोकगीतों की तान छेड़ी तो सम्पूर्ण सभागार झूम उठा और देर तक करतल ध्वनि से प्रांगण गूँजता रहा।
इस अवसर पर मुख्य ट्रस्टी श्री दिनेश गोरखपुरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “श्री दीप साहित्य संगम का संकल्प है – भोजपुरी और हिंदी साहित्य की मशाल को नई पीढ़ी के हाथों तक पहुँचाना। आज दूर-दराज से आए कवियों और श्रोताओं ने यह सिद्ध कर दिया कि जब तक एक भी दीप जल रहा है, साहित्य की लौ बुझ नहीं सकती। राकेश श्रीवास्तव जी जैसी विभूतियों का सान्निध्य हमारी ऊर्जा को दोगुना कर देता है।”
भवदीय
दिनेश गोरखपुरी
मुख्य ट्रस्टी
श्री दीप साहित्य संगम गोरखपुर
मो: 8799506477
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