आज भी मंगल पाण्डेय भारतीय इतिहास में साहस, देशभक्ति और बलिदान के प्रतीक: डाॅ देवव्रत मुखोपाध्याय

हावड़ा,बलिया नागरिक उन्नयन समिति के तत्वावधान में अमर शहीद मंगल पाण्डेय की जयंती का पालन राम गोपाल मंच में किया गया। इस अवसर पर हावड़ा संस्कृत साहित्य समाज के सचिव डाॅ देवव्रत मुखोपाध्याय ने कहा कि शहीद मंगल पाण्डेय भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत और महान क्रान्तिकारी थे।
हावड़ा शिक्षा सदन के पूर्व प्रधानाध्यापक अश्वनी कुमार राय ने कहा कि 29 मार्च 1857 का उनका विद्रोह भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन का निर्णायक मोड़ माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज भी मंगल पाण्डेय भारतीय इतिहास में साहस, देशभक्ति और बलिदान के प्रतीक माने जाते हैं। मंगल पाण्डेय पर लिखी गई कविताएँ जिसने पाठ किया-जीवन सिंह, बंदना पाठक, सुरेन्द्र सिंह, नन्दू बिहारी, मंजू वेज ‘इशरत ‘,दया शंकर मिश्र, अश्विनी कुमार राय, डाॅ देवव्रत मुखोपाध्याय और अध्यक्षीय वक्तव्य व कविता चन्द्रिका प्रसाद पाण्डेय ‘अनुरागी ‘ ने सुनाकर मंगल पाण्डेय को याद किया गया।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन प्रदीप कुमार धानुक ने किया। समारोह में उपस्थित रहे संस्था अध्यक्ष संतोष सिंह, विशिष्ट समाजसेवी व संस्था के मार्ग दर्शक रमेश ठाकुर, राजगृही सिंह, डाॅ भगवान राय, डाॅ सरफराज अहमद, डाॅ बी एन राय, डाॅ ए के सिंह, डाॅ के के राय, डाॅ आनन्द पाण्डेय, राम विनोद सिंह, राकेश राय, ममता सिंह, मोहन सिंह, पुतुल, भरत सरदार, मुन्ना बाजपेई, राजेश सिंह, विनोद तिवारी, घनश्याम मिश्र, बी एन उपाध्याय, संकटा सिंह, महंगू सिंह, उमेश सिंह, ललन सिंह, वशिष्ठ नारायण सिंह, योगेन्द्र सिंह, विजेन्द्र सिंह, कुंदन सिंह, सुजीत सिंह, संत तिवारी, अशोक मिश्र, अजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, अजीत तिवारी, राम बाबू साव, शारदानंद सिंह, आयुष सिंह एवं अन्य लोगों की उपस्थिति रही। धन्यवाद ज्ञापन संतोष सिंह ने किया।
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