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बंगाल, देश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राजधानी

*बंगाल के गौरव को पुनर्प्रतिष्ठित करना होगा– शुभेंदु अधिकारी*

 

कोलकाता, 7 जून। ‘देश को सुरक्षित रखने के लिए बंगाल को भी सुरक्षित रखना होगा क्योंकि बंगाल देश की सिर्फ सांस्कृतिक राजधानी ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक राजधानी भी है। इसके लिए आवश्यक है कि बंगाल अपने गौरव को पुनः प्राप्त करे।

बीजेपी सरकार के आने के बाद यहां का मौसम बदल रहा है,आगे और भी बदलेगा। सनातन मूल्यों पर आधारित धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को प्राथमिकता देना हमारी जिम्मेवारी है। बंगाल को वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति का काफी नुकसान उठाना पड़ा है। आपने मुझे बंगाल में सभी सामाजिक एवं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को खत्म करने की जिम्मेदारी सौंपी है जिसे मैं प्रभावी ढंग से पूरा करूंगा।हम सब का दायित्व है कि हम बंगाल के खोये वैभव को पुनः प्राप्त करें।’—ये उद्गार हैं पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित माननीय मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी के,जो कल सायं धन-धान्य सभागार में *सनातन चेतना और रामराज्य जागरण* विषय पर आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित व्यवसाइयों एवं उद्योगपतियों से आग्रह किया कि पहले जो अन्याय हुआ है वह अब नहीं होगा,आप राज्य में भय मुक्त होकर निवेश करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि उत्तराखण्ड की पवित्र धरती से लेकर गंगासागर के तट तक अब विकास और सुशासन की नई यात्रा प्रारम्भ हो चुकी है।

समारोह के प्रेरणापुरुष तथा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष राष्ट्रसंत पूज्य स्वामी गोविन्द देव गिरि महाराज ने कहा कि पूरा देश बंगाल से स्फूर्ति लेता है।यह रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानन्द, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्‌याय, रवीन्द्रनाथ टैगोर आदि महापुरुषों की भूमि है।

यह प्रेरणा,त्याग एवं प्रतिभा की भूमि है। दलदल में जिस तरह गाय फंसकर तड़पती है उसी तरह बंगाल की हालत हो गयी थी।राज्य के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने विवेकानंद की चेतना से प्रेरित होकर दलदल में फंसी इस राज्य रूपी गाय को निकाला और स्वतंत्र किया,उद्धार किया। हमें गर्व है कि हमें श्री शुभेन्दु जैसा सनातनी मुख्यमंत्री मिला है।अगर इस बार पश्चिम बंगाल स्वतंत्र नहीं होता तो पता नहीं क्या होता?शायद पश्चिम बंगाल ही नहीं पूर्वोत्तर राज्य भी देश से कट जाते।राज्य के मुख्यमंत्री राजनेता ही नहीं एक साधक हैं और एक भक्त भी हैं। भारत का अस्तित्व सनातन में है और सनातन से ही विश्व का कल्याण संभव है।

समारोह में दिल्ली से पधारे सुप्रीम कोर्ट के सुप्रसिद्ध वकील एवं ‘पीआइएल मैन’ से सुपरिचित श्री अश्विनी कुमार उपाध्याय ने बंगाल की जनता को हिंदू एकजुटता के चमत्कारिक परिणामों पर बधाई देते हुए ‘हम सब हिंदू एक है’ का उद्घोष किया।

कार्यक्रम का प्रारंभ श्रीमती संगीता संघवी के द्वारा सेवा गीत ‘प्रभु जीवन पथ पर पुण्य मिले,पग पग पर सेवा का’ के सस्वर पाठ से हुआ।स्वागत भाषण दिया आयोजन की परिकल्पक श्रीमती शांता सारडा ने तथा कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन किया समाजसेवी महावीर प्रसाद रावत ने। अमित सारडा,आदित्य सारड़ा, संजय मल्ल,अभ्युदय सारडा ने अतिथियों का शाल ओढ़ाकर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मान किया। अन्य मंचस्थ थे सर्वश्री गोविन्द सारडा, सांवरमल धनानिया एवं श्रीकुमार लाखोटिया। उपस्थित सुधीजनों की ओर से उद्योगपति हरिमोहन बांगड़ एवं पद्मश्री सज्जन भजनका ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

समारोह में खचाखच भरे सभागार में उल्लेखनीय उपस्थिति रही जोड़ासांको विधायक विजय ओझा,बैरकपुर विधायक कौस्तुभ बागची, सोनारपुर विधायक देवाशीष धर,पार्षद मीना देवी पुरोहित, ज्योतिषाचार्य राकेश कुमार पाण्डेय, आयुर्वेदाचार्य राधेश्याम श्रीवास्तव,डॉ विकास अग्रवाल,डॉ विभा अग्रवाल,उद्योगपति पद्मश्री प्रहलाद राय अग्रवाल,राधेश्याम गोयनका,अशोक तोदी,सज्जन बंसल,विश्वनाथ सेकसरिया,सुधीर जालान, पारसमल लोढ़ा,प्रदीप तोदी,विनोद गुप्ता,सुशील मोहता,कुंज बिहारी अग्रवाल,कमल दुगड़, जयकुमार गोयल,घनश्याम शोभासरिया, समाजसेवी राजेन्द्र पसारी,सांवरमल अग्रवाल,निर्मल सराफ,सुदेश अग्रवाल,निरंजन कुमार अग्रवाल,सुरेन्द्र अग्रवाल,महावीर बजाज, महिला उद्यमी लता बाजोरिया,शशि बांगड़,मधु लोढ़ा,पत्रकार कौशल किशोर त्रिवेदी,प्रकाश चण्डालिया,पुरुषोत्तम तिवारी एवं अन्य।

कार्यक्रम की सफलता में दामोदर प्रसाद भट्टड़,सुभाष मुरारका,आदित्य मूंधड़ा,रमेश खण्डेलवाल आदि का सक्रिय योगदान रहा।

 

 

 

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