दीपदान द्वारा अर्पित की गई गंगा के प्रति आस्था, श्रद्धा और कृतज्ञता
Shakun
June 6, 2025
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दीपदान द्वारा अर्पित की गई गंगा के प्रति आस्था, श्रद्धा और कृतज्ञता

कार्यक्रम का आरंभ जैन महिला मंडल की अध्यक्षा अंजु सेठिया ने गणेश वंदना के साथ किया। बाला कलाकार, त्रिशान त्रिवेदी ने सरस्वती वंदना की।
जैन महिला मंडल समिति की अन्य महिलाओं ने इस पर्व से जुड़कर इसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे जैन समाज में इस तरह के पर्व की अवधारणा नही है! यहां आकर हम लोगो को एक अलग ही अनुभूति हुई है, शांति और उल्लास की समानुभूति और भजनों की वर्षा आनंददायक थी.
शाकुंतल कान्यकुब्ज महिला समिति की संरक्षक श्रीमती शकुंतला तिवारी जो अपनी समिति की महिला सदस्यों के साथ पहले भी गंगेश्वर महादेव मंदिर में गंगा दशहरा पर पूजन कर चुकी है उनका कहना है कि ये शांत स्थल है, यहां स्नान और दीपदान बिना अवरोध के होते है।
भजन गायकों में शुभ्रा त्रिवेदी – “राधे -राधे,” संतोषी सिंह -” हर -हर शम्भू ,” शौर्याँक- ” शिरडी वाले साईं बाबा ,” भजनों पर भक्तों ने खूब थिरका। दीपक दुबे – “राम आएंगे तो,” भरत शाह – ” तू प्यार का सागर है ,” मुकेश चतुर्वेदी- “मंगल भवन अमंगल हारी” नीतू दीक्षित -” भोले ओ भोले,” ओम प्रकाश मिश्रा ने गंगा श्लोक सुनाकर सभी को भाव -विभोर कर दिया। वि.अरुणा, आशा त्रिपाठी, मञ्जूषा तुलस्यान तथा मंदिर के प्रबंधक अजय मिश्रा आदि ने भी भजन सुनाएँ।
इस अवसर पर उपस्थित नेवी के कमांडर सत्यजीत रॉय के अनुसार, वे कितनी बार आउट राम घाट पर स्थित अपने ऑफिस में आये किन्तु अंदर के परिसर में स्वच्छता के साथ इतना सुंदर मंदिर है ये नहीं मालुम था।
भक्तिरस में डूबे सभी श्रद्धालु बार -बार इस आयोजन की सराहना कर रहे थे। नव संध्या, अलायन्स क्लब आदि संस्थाओं से अनेक लोगो ने इस अवसर पर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर प्रबंधन के अलावा आयोजक: मनोज त्रिवेदी – शकुन त्रिवेदी, उपस्थित लोगों में ‘शाकुन्तल महिला कान्यकुब्ज समिति’ की अध्यक्षा प्रभा बाजपेई, उषा साव, प्रदीप धानुक, नरेश साव, आभा तिवारी, रमिता सिंह, उर्मिला शुक्ला, आशुतोष, सीमा, शशि, छोटू एवं शांति के साथ उपस्थित भक्तजनों का अभूतपूर्व योगदान था.
