Thursday , May 7 2026

          मां: इक याद

अन्तर्राष्ट्रीय मातृ दिवस  (10 मई 2026) के अवसर पर

          # रावेल पुष्प 
मेरी मां,
अभी मैं पढ़ता ही था
कि तुम मुझे छोड़ कर चली गई
तुम्हारी आंखों में मेरे लिए
कई-कई सपने थे
पर उन सपनों ने अभी सच होने के लिए जागना था
 पर तुम तो पहले ही सो गई
क्या मुझसे कोई गलती हो गई थी?
अगर हां,तो तुम मुझे दो-चार थप्पड़ मार लेती
पर मुझे इस तरह किसके सहारे छोड़ गई
मैं अभी महज़ डेढ़ साल का ही था
कि बाप ने आंखें मूंद लीं थीं
 मेरे लिए तो तुम सिर्फ मां नहीं
बाप भी तो तुम ही थी
मैं तो कभी बचपन की
कोई शरारत,कोई जिद भी नहीं कर सका
 फिर तुम किस तरह मेरी दुनिया
यकबयक अंधेरी करके चली गई
बोलो, बोलो मेरी मां
चाहे लोग कितना कुछ कहते रहे
पर मैं अंदर ही अंदर घुटता रहा
सिर्फ़ और सिर्फ़
तुम्हारी ममता के एहसास में भीगता रहा
फिर ईश्वर का मेरे लिए
ये  कैसा हुआ अन्याय भरा खेल
मां तुम तो मुझे प्यार से कहती थी
मेरा हमेशा खिला रहे रवेल
 पर जिसके सर पर बाप का साया भी ना हो
और मां का प्यार भी काफ़ूर हो जाये
उसने तो फिर यही ना महसूस करना है
जैसे उससे सारी दुनिया ही रूठ गई  चाहे मैं आज जिंदगी के
 एक मुकाम पर हूं
पर फिर भी मां
कभी-कभी कुछ घटनाएं, कुछ यादें
ज़ेहन में बुरी तरह कौंध जाती हैं
और मैं अचानक जोरों से चिल्ला उठता हूं – मां, मां……

• नेताजी टावर , कोलकाता – 700047.

मो. 9434198898

ईमेल:  rawelpushp@gmail.com

About Shakun

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *