गंगा समग्र दक्षिण बंगाल द्वारा गंगा दशहरा महोत्सव पुण्य सलिला पापनाशिनी जाह्नवी भागीरथी माँ गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा महोत्सव शिवपुर लांच घाट हावड़ा में गंगा समग्र दक्षिण बंगाल द्वारा बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर वैदिक विद्वानों द्वारा पंचांग पूजन के साथ माँ गंगा का विधिवत …
Read More »बिना राम के इस भारत में भारतवर्ष कहां है
अग्नि के गर्भ में पला होगा शब्द जो श्लोक में ढला होगा – डॉ शिव ओम अंबर अपनी प्रखर लेखनी एवं ओजस्वी कविताओं के लिए विख्यात शिव ओम अंबर के सानिध्य में एक काव्य संगोष्ठी का आयोजन ‘जन संसार’ कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम का आरम्भ प्रणति ठाकुर ने सरस्वती वंदना …
Read More »“गुरु ग्रंथ साहिब में भगत जयदेव”
गुरुग्रंथ साहिब में भगत जयदेव पर हुआ सेमिनार कोलकाता। पंजाबी साहित्य सभा कोलकाता तथा सिख रिसर्च इंस्टीट्यूट, अमेरिका के संयुक्त तत्वावधान में “गुरु ग्रंथ साहिब में भगत जयदेव” विषय पर खालसा इंग्लिश स्कूल के सभागार में एक सेमिनार का आयोजन किया, जिसमें भगत जयदेव के उन दो पदों का विस्तार …
Read More »*मेरी मां नही गाती थी*
” मेरी माँ नहीं गाती थी “ मेरी मां नही गाती थी न लोरी न गीत रहीम, रसखान, मीरा की प्रीत जब देती थी थपकी सुलाने लग जाती थी गम को भुलाने आंखों में होती अधूरे कामो की पीर तरकशी तानो से रिसता हुआ नीर घर के अभेदी चक्रव्यूह को तोड़ नही पाती घुट कर रह जाती औरजब टूट जाती थी आंसुओं के सैलाब में डूब जाती थी छिपा लेती थी मेरे मासूम चेहरे को अपने चेहरे से दृढ़ता से लड़ती थी लगे हुए पहरे से मेरी मां इस तरह मेरे सुनहरे भविष्य को बुनती थी बीमारियों को दर किनार कर मेरी खातिर जीती थी ।। -शकुन त्रिवेदी
Read More »चाणक्य अभी भी जिंदा है
चाणक्य अभी भी जिंदा है छिपा दिया इतिहास तुम्हारा तो क्या गीदड़ बन जाओगे बर्बरता के भय से क्या बिल में घुस जाओगे स्वाभिमान को गिरवी रख कर कैसे जी पाओगे बहु -बेटियों की लुटती इज्जत कब तक सह पाओगे। सुप्त पड़ी पौरुष ज्वाल …
Read More »आया प्रथम बैसाख, नव वर्ष का उजियारा
*प्रथम बैसाख : नव वर्ष का गान आया प्रथम बैसाख, नव वर्ष का उजियारा, बंग-धरा पर फैला देखो, खुशियों का नज़ारा। ढाक की थाप गूंजे, मन हो जाता चंचल, हर आंगन में खिल उठता, ये उत्सव निर्मल। रवीन्द्र संगीत के सुनो,गूंज उठे स्वर, “एसो हे बईशाख” ने …
Read More »घर आंगन की खुशबू
घर आंगन की खुशबू घर आंगन की खुशबू फिर भी दुत्कारी ऑफिस से घर , घर से बाहर ये भी जिम्मेदारी भाग दौड़ के जीवन में भूली अपनी माहवारी मेरा घर मेरा आंगन हर पल इस पर वारी। कही छल रही खुद को खुद से आधुनिकता की मारी तोड़ दिए …
Read More »श्री जगन्नाथ पुरी का अक्षय पत्र
*श्री जगन्नाथ पुरी की ‘अक्षयपात्र’ कथा: कभी खत्म न होने वाले भोग का रहस्य, *इसका आध्यात्मिक महत्व* पश्चिम बंगाल हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू द्वारा रचित ‘मेडूसा’ किताब कविताओं का संग्रह है जिसमें, एक बहुत ही प्रसिद्ध कविता जगन्नाथ पुरी में अक्षय पात्र है जिसमें अक्षय पात्र …
Read More »उपन्यासों की फेहरिस्त में मील का पत्थर
युद्ध पर लिखे गए उपन्यासों की फेहरिस्त में मील का पत्थर है – बुखा़री कोलकाता। अंतर्राष्ट्रीय संस्था इस्सार ने रोटरी सदन के कक्ष में त्रिदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लेखकों और चिंतकों का एक सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें कई सत्रों में विभिन्न विश्व शांति को समर्पित कार्यक्रम निर्धारित …
Read More »फाग और लोक संस्कृति: शब्दों का कुंभ
फाग और लोक संस्कृति की तान से गूँजा शिवना साहित्य समागम शब्दों का कुंभ: सीहोर में शिवना साहित्य समागम का भव्य आयोजन, देशभर के रचनाकारों का जमावड़ा पहले दिन सिद्धपुर सभामंडप में उद्घाटन के साथ शुरू हुआ दो दिवसीय साहित्योत्सव; तीन सभागारों में 12 वैचारिक सत्र, पुस्तक लोकार्पण …
Read More »
The Wake News Portal & Magazine