
जनतांत्रिक आधार पर हिंदी विश्व भाषा, क्योंकि उसके बोलने-समझने वालों की संख्या संसार में तीसरी
हिंदी एक समृद्ध, सशक्त और अभिव्यक्ति की दृष्टि से सक्षम भाषा है। राजभाषा के रूप में हिंदी ने राष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आवश्यकता इस बात की है कि हम हिंदी को केवल हिंदी दिवस या पखवाड़ा तक सीमित न रखें, बल्कि ज्ञान, व्यवहार, प्रशासन, तकनीक और सृजन के विभिन्न क्षेत्रों में इसके स्वाभाविक एवं प्रभावी प्रयोग को निरंतर बढ़ावा दें। उक्त उद्गार वरिष्ठ साहित्यकार एवं उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने 28 सितंबर, 2026 को क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद में आयोजित ‘हिंदी पखवाड़ा’ समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किये। इस अवसर पर हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को उन्होंने हिंदी पुस्तकें और प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया।
पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि अपनी सहजता, मधुरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर हिंदी भाषा ने वैश्विक स्तर पर विशेष प्रतिष्ठा अर्जित की है। हिन्दी सिर्फ संवाद व साहित्य ही नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर संचार-क्रांति, सूचना-प्रौद्योगिकी और नवाचार की भाषा भी है। हिंदी को परिवर्तन और विकास की भाषा के रूप में नया आयाम मिला है। हिंदी की सबसे बड़ी ताकत इसके बोलने वालों की विशाल संख्या है। एथनोलॉग के अनुसार हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, वहीं विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है। जनतांत्रिक आधार पर हिंदी विश्व भाषा है क्योंकि उसके बोलने-समझने वालों की संख्या संसार में तीसरी है। विश्व के 132 देशों में जा बसे भारतीय मूल के लगभग 2 करोड़ लोग हिंदी माध्यम से ही अपना कार्य निष्पादित करते हैं। विदेशों में 150 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई जा रही है।
सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री अल्पेश शाह ने कहा कि, हमें हिंदी पर गर्व है, क्योंकि यह न केवल हमारी मातृभाषा व राजभाषा है, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और आत्मसम्मान का प्रतीक भी है। अतः हिंदी को अपनाना, उसका प्रयोग करना और उसके विकास में सहभागी बनना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है।
हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रम के विजेताओं को पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने पुरस्कृत किया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में योगेश रामानुज, राजेश कुमार, मौलिक देसाई, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में दर्शन श्रीमाली, सिद्धि दरजी एवं मनीषा बगानी, अनुवाद प्रतियोगिता में मौलिक देसाई, मौलिक दवे एवं कनिका अग्रवाल, हिंदी काव्य पाठ प्रतियोगिता में अभिषेक पीठडीया, योगेश रामानुज, निशा पटेल, हिंदी व्याकरण प्रतियोगिता में हिमांशु प्रजापति, कौशल पटेल, दिलीपकुमार पगी को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कारसे सम्मानित किया गया। तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में आर टी पटेल और अभिषेक पीठडीया को प्रथम, रामस्वरूप मंगवा और योगेश रामानुज को क्रमशः द्वितीय व तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हिंदी अंताक्षरी प्रतियोगिता मे भरत रेगर, कल्पेश परमार, पायल टी पटेल, भावेश भरवाड, सुरेखा देसाई को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वागत भाषण सहायक निदेशक (राजभाषा) अल्पेश शाह, आभार ज्ञापन सहायक निदेश वी एम वहोरा एवं संचालन अभिषेक पीठडीया ने किया। सहायक निदेशक रितुल गांधी, वरिष्ठ लेखाधिकारी पूजा राठोर, सहायक अधीक्षक बिरंग शाह, जीनेश पटेल, रमेश पटेल, रोनक शाह, सहायक लेखाधिकारी सुभाष बारुपाल, रामस्वरूप मंगवा, डाक निरीक्षक पायल पटेल, योगेश पंचोली, रवि रावत, सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
(अल्पेश शाह)
सहायक निदेशक (राजभाषा)
कार्यालय- पोस्टमास्टर जनरल
उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद- 380004
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